क्यों देखते हैं हम सपना? Why do we dreams?

सपना तो सभी देखते हैं, आप, मैं हम सभी। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि हमें सपना आता क्यों है, क्यों देखते हैं हम सपना ? Why do we dreams ? सपनों के ऊपर में ऑलरेडी एक आर्टिकल लिख चुका हूं, लेकिन इस आर्टिकल में मैं आप लोगों को बताने वाला हूं कि आखिर क्यों देखते हैं हम सपना? Why do we dreams ?



Why do we dreams

 

क्यों देखते हैं हम सपना ? Why do we dreams ?

हम सपना क्यों देखते हैं ? एक्चुली यह एक ऐसा सवाल है जिसका सही जवाब दो बिज्ञान के पास भी नहीं है। हालांकि इसके ऊपर बहुत से थेओरिएस (theories) मौजूद है। सपनो के बारे में जान ने से पहले थोड़ा REM स्टेज के बारे में जान लीजिए।

 

जब हम सोते हैं तो हमारे अंदर सिर्फ 2 ही स्टेज हो सकते हैं पहला REM (rapid eye movement) और दूसरा NON REM (non rapid eye movement)। इन दोनों में से REM स्टेज बहुत ही खास है क्योंकि Lucid dreaming, sleep walking, sleep paralysis यह सब अनुभूति इन्हीं REM स्टेज में ही होता है।




सालों पहले शिकागो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इंसानो के दिमाग मैं सोने के दौरान एक प्रकार की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी देखी और जब ऐसी अवस्था में उन्हें जगाया गया तो उनमें से ज्यादातर लोगों का एक ही जवाब था कि वह सपना देख रहे थे। और शोधकर्ताओं ने यह भी नोटिस किया कि सोने के दौरान उन लोगों की आंखें बंद होने के बावजूद भी उनके आईबॉल अंदर ही अंदर हिल रहे थे। तो आप भी अगर अपने सामने किसी दोस्त या रिश्तेदार कि सोने के दौरान उनकी आंखे बंद होने के बावजूद भी उनकी आंखों की मोतिया हिलते हुए महसूस हो तो आप समझ जाइए कि वह इंसान सपना देख रहा है।

 

अक्सर हमें यह सुनने को मिलता है और हम कहते भी हैं कि जब हम सोते हैं तो हमारा दिमाग विश्राम करता है। लेकिन यह सच नहीं है, जब हम सोते हैं तो हमारा दिमाग और भी सक्रिय हो जाता है। अगर आप किसी सोते हुए इंसान के दिमाग की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी पर नजर डालोगे तो वह बिल्कुल वैसा ही दिखेगा जैसा कि उस इंसान के जागने के दौरान होता है। सोने के दौरान हमारे दिमाग में हिस्टामिन, सेरोटोनिन जैसे केमिकल का उत्पादन बंद हो जाता है। जिसके वजह से हमारे शरीर के मांसपेशियों का हिलना रुक जाता है और यही वह कारण है जिसके वजह से आप उड़ने का, फाइट करने का, दौड़ने का सपना देखते तो हैं लेकिन वास्तव में आपका शरीर शांत होता है, वह बिल्कुल भी हिलता नहीं है। लेकिन ऐसे बहुत से केसेस में देखा गया है जहां कुछ लोगों में इन केमिकल्स का बैलेंस कभी-कभी बिगड़ जाता है जिसके वजह से नींद में होते हुए भी उनका हाथ पैर हिलने लगता है और कुछ लोग तो बिस्तर से नीचे गिर भी जाते हैं, वैसे यह सब तो हमारे लिए आम बात है। और तो और जब इन केमिकल्स का बैलेंस कुछ ज्यादा ही बिगड़ जाता है तब इंसान नींद में ही चलना शुरू कर देता है, जिसे हम लोग स्लीप वाकिंग (sleep walking) के नाम से जानते हैं।




REM स्टेज में तो कभी कभी ऐसा भी होता है की कोई इंसान अचानक से जग जाता है लेकिन वो अपना शरीर बिल्कुल भी हिला नहीं पाता। आपके साथ भी कभी कभी ऐसा होता होगा। उस समय आपको पता होता है कि आप जगे हुए हो लेकिन आपका दिमाग सोचता है कि आप REM स्टेज में सो रहे हो। इस अवस्था को विज्ञान की भाषा में sleep paralysis कहते हैं। इस अवस्था के दौरान ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं। लेकिन यह बस कुछ सेकंड के लिए रहता है उसके बाद सब कुछ फिर से नॉर्मल हो जाता है।

 

दिन भर में हम न जाने कितना कुछ कहते हैं कितने सारे इंफॉर्मेशन हमारे दिमाग तक पहुंचते हैं जो हमारे दिमाग में मेमरी के रूप में स्टोर होता है। जब आप नींद में होते हो तब आपका अबचेतन मन (unconscious mind) उन मेमोरी को स्कैन करता है और एकत्रित करता है, ताकि आप अगले दिन उन यादो को और बेहतर तरीके से उपयोग कर पाये। साथ ही साथ आपका अबचेतन मन सारे खराब यादों को नष्ट कर देता है। एक उदहारण देता हूं, मानलो आज आपको दो सुचना मिली। पहला – IPL 10 का बिजेता है मुंबई इंडियंस और दूसरा – पडोशी की लड़की भाग गई। तो जब आप नींद में होते हो तो आपका दिमाग यह तय करता है की कोनसा इनफार्मेशन आपके लिए जरूरी है और कौन सा इन्फर्मेशन बेकार है। जो इन्फर्मेशन बेकार है उसे आपका अवचेतन मन नष्ट कर देता है या फिर दिमाग के किसी कोने में स्टोर कर देता है। जब यह सब प्रक्रिया चल रहा होता है तब आपका कॉन्शस माइंड समझ नहीं पाता कि क्या चल रहा है और इस प्रक्रिया के चलते आपको कई इमेजिस दिखते हैं और आपका दिमाग उन इमेजिस ने से मीनिंग निकालने की कोशिश करता है और इन्ही सब चीजो के चलते आपको सपने आते हैं।




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…thank you…

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