रहस्यमय ग्रह Mysterious Planet Gliese 436 B in Hindi

दोस्तों हमारा यह ब्रह्मांड कितना बड़ा है यह तो शायद ही कोई बता सकता है, लेकिन हमारे इस ब्रह्मांड में ऐसे बहुत सारे अजीबो-गरीब Planet’s है जहाँ का वातावरण हमारे धरती से बिलकुल ही अलग है. मतलब सीधे शब्दों में बोलू तो, जो चीज़ हमारे धरती के लिए नामुमकिन (impossible) है वही चीज़ बाहरी दुनिया मतलब दूसरे Planet के लिए मुमकिन (possible) है. चलिये आज मै आप ऐसे ही एक Mysterious Planet के बारे में बताने जा रहा हु (वो भी  in Hindi में) जिसका नाम है Gliese 436 B. जहां पर न जाने कितने वर्षो से बर्फ में आग जल रही है.. Shock लगा ??? लगेगा ही न!!! सोच रहे हो,क्या कह रहा है ये बन्दा… तो चलिए की detail तरफ धयान देते है…




 Mysterious Ice Planet Gliese 436 B in Hindi
Mysterious Ice Planet Gliese 436 B in Hindi

 

रहस्यमय बर्फीले ग्रह Mysterious Ice Planet Gliese 436 B in Hindi

GLIESE 436 B जिसे GJ 436 B भी कहा जाता है, इस Planet को 31अगस्त 2004 में “Radial Velocity” मेथड के द्वारा खोजा गया था. यह Planet और 55 Cancri E जो कि एक पूरा का पूरा हीरो बना हुआ Planet है, इन दोनों को एकसाथ ही खोजा गया था. Diamond planet मतलब 55 Cancri E के ऊपर मैं आलरेडी एक पोस्ट लिख चुका है, अगर आप ने उस पोस्ट को नहीं पढ़ा तो इस लिंक पे click करके भी पढ़ सकते है.

 

Gliese 436 B दिखने में बिलकुल एक बर्फ के गोले जैसा है… सॉरी सिर्फ बर्फ का गोला नहीं, आग में जलता हुआ का गोला है. यह Planet हमारे सौर मंडल (solar system) के Neptune जितना बड़ा है. यह Planet अपने सूर्य का परिक्रमा करने में सिर्फ दो दिन और पन्द्रह घंटे (2 day’s & 15 hours) का ही वक्त लेता है. मतलब Planet Gliese 436 B का एक साल सिर्फ दो दिन और पन्द्रह घंटे में ही खत्म हो जाता है. अपने सूर्य के इतने करीब होने के वजह से इस Planet Gliese 436 B का तापमान लगभग 440°C तक पहुँच जाता है.




यह Planet Gliese 436 B पूरा का पूरा बर्फ की चट्टानों से भरा है, लेकिन इतने तापमान (temperature) में तो बर्फ पिघल कर भाप बन जानी चाहिए थी. हमे तो यही पता है ना की 100°c में तो पानी उबलने लगता है लेकिन इस Planet का तापमान तो 440°c था फिर भी इस Mysterious Planet पर ऐसा कुछ हुआ क्यों नहीं ?? आखिर क्या कारण हो सकता है जिसके वजह से इतने तापमान में होने बावजूद भी बर्फ पिघला ही नहीं ??? हुआ न बहुत ही अजीबो गरीब !! कहा था मैंने जो चीज़ हमारे धरती के लिए नामुमकिन (impossible) है वही चीज़ बाहरी दुनिया मतलब दूसरे Planet के लिए मुमकिन (possible) है….

 

 

चलिए इसके पीछे का कारण भी बता देते है. असल में ऐसी बात नहीं है कि बर्फ कभी पिघलति ही नही दरसल बर्फ पिघलति तो जरूर है लेकिन भाप बनकर Planet से दूर नहीं जा पाती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह Planet Gliese 436 B का गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational force) इतना ज्यादा है कि अगर बर्फ पिघल कर भाप बन भी जाये तो वो ऊपर जाने की बजाय गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से वापस सीधा Planet के अंदर ही चला जाता है और दुबारा बर्फ के रूप में परिवर्तित हो जाता है. यही रोटेशन सदियों से चला आ रहा है. इसलिए इस Planet Gliese 436 B की बर्फ कभी खत्म ही नहीं होती.




अगर आप चाहो तो Mysterious Planet Gliese 436 B के बारे में हमारे YouTube चैनल का एक छोटा सा भी देख सकते हो वो भी Hindi में.


बस यही कुछ था के बारे में आप लोगो बताने को. कैसा लगा आप लोगो को रहस्यमय ग्रह Gliese 436 B (Mysterious Planet in Hindi) के बारे में यह सब facts जान कर?? अगर आप का इस बारे में कोई भी सवाल या सुझाब हो तो निचे comments में जरूर बताइए और article पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ Share कीजिये और अगर ऐसे ही जानकारी आप email द्वारा पाना चाहते है तो हमारे इस Blog को Subscribe कर लीजिये. Subscription बिलकुल फ्री है..

… Thank You…

 

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