समुद्री बीमा क्या है और कोन करवाते है ?? Marine Insurance in Hindi

Marine Insurance in Hindi

आपने तो Insurance के बारे में सुना ही होगा। शायद आपने कोई न कोई policy भी ली होगी, या फिर लेने की सोच रहे होंगे।। मैंने भी Insurance के बारे एक Article लिखा है, जहा आपको Insurance से जुड़े सभी basic जानकारी मिल जायेगी।

लेकिन आज में आपको एक ऐसे Insurance policy के बारे में बताने जा रहा हु जो शायेद आपने कभी सुनी भी नही होगी। या फिर सिर्फ policy का नाम सुना है लेकिन इस policy के बारे में ठीक से नही जानते होंगे।

जी हां आज मैं आपको समुद्री बीमा (Marine Insurance in Hindi) के बारे में बताने जा रहा हु। तो आखिर क्या है यह समुद्री बीमा (Marine Insurance) और किन लोगो को यह बीमा करवाना चाहिए, इस article के जरिये आज मैं आपको इन ही सवालो के जबाब देने वाला हु।।।।

Marine Insurance in Hindi
Marine Insurance in Hindi

समुद्री बीमा क्या है और इसे कोन करवाते है ??

(Marine Insurance in Hindi)

 

Marine Insurance यानि समुद्री बीमा ज्यादातर buisnessman या फिर बड़े बड़े companies ही करवाते है जिन्हें अपना सामान (goods/cargo) एक देश से दूसरे देश पोहोचना या फिर लाना पढता है।

 

जाहिर सी बात है अगर कोई company अपने सामान को एक देश से दूसरे देश ले आने-जाने का काम करती है तो सामान के कीमत भी लाखों-करोड़ो में ही होगी, तो अगर सामान इतना कीमती है तो Risk भी तो ज्यादा होगा ना।।

 

और यह Risk ओर भी बढ़ जाता है अगर यह सामान समुंदर के रास्ते से भेजा जा रहा है तो। क्योंकि समुंदर के रास्ते से सामान ले आने-जाने में वक़्त (time) ज्यादा लगता है और इससे खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है। इतने समय में तो कुछ भी हो सकता है। समुंदर के लहेरो के वजह से, अचानक आये समुद्री तूफान के वजह से, या फिर किसी दूसरे बजह से जहाज और जहाज में रख्खे सामान नष्ट हो सकता है। इसलिए इस ख़तरे से बचने के लिए ही समुद्री बीमा (Marine Insurance in Hindi) करवाया जाता है।

 

समुद्री बीमा आजकल हर जहाज और उसपर लदे सामानों का होता ही है। लगभग जितने भी companies और ships होते है जो ऐसे import/export का कारोबार करती है उन सभी का समुद्री बीमा (Marine Insurance) होता ही है।

 

तो अब आप समझ गए होंगे समुद्री बीमा (Marine Insurance in hindi) क्या है और इसे किन लोगों को करवाना चाहिए। चलिये अब जान लेते है समुद्री बीमा कितने प्रकार के होते है।

 

समुद्री बीमा के प्रकार (Types Of Marine Insurance in hindi)

समुद्री बीमा तीन (3) प्रकार के होते है।

  • जहाज का बीमा (Ship Insurance)
  • सामान का बीमा (Cargo Insurance)
  • भाड़े का बीमा (Freight Insurance)

1. जहाज का बीमा (Ship Insurance in Hindi) :-

जहाज का बीमा सिर्फ जहाज के मालिक (owner) ही करवाता है, ताकि अगर समुन्द्र में जहाज का कोई भी नुकसान हो जाये जैसे बर्फीले चट्टानों से अगर जहाज टकरा जाये, या फिर बड़े लहरों में जहाज फस जाये, या फिर जहाज के caption की गलती से अगर जहाज का कोई नुकसान हो जाये तो बीमा कंपनी policy के “terms & conditions” के हिसाब से जहाज के मालिक को उसके हुए नुकसान की भरपाई करती है।

Ship Insurance policy में सिर्फ जहाज का ही बीमा करवाया जाता है और सिर्फ जहाज के नुक़सान होने पर ही उसकी भरपाई की जाती है। इसमें जहाज के अंदर रख्खे सामान से कोई लेना-देना नही होता है।

 

 

2. सामान का बीमा (Cargo Insurance in hindi) :-

इतना तो आप समझ ही सकते है कि इसमें सिर्फ जहाज के अंदर रख्खे सामान (Cargo) का बीमा करवाया जाता है। ताकि अगर सामान को ले आते-जाते वक़्त कोई भी नुकसान हो जाये जैसे सामान टूट जाये या फिर चोरी हो जाये तो बीमा कंपनी policy के “terms & conditions” के हिसाब से उस सामान (cargo) के मालिक को उसके हुए नुकसान की भरपाई करती है।

 

 

3. भाड़े का बीमा (Freight Insurance in Hindi) :-

सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा है लेकिन यह भी करवाना बोहुत ही जरुरी हो गया है। इसमें क्या होता है कि सामान को ले आने जाने के लिए जो खर्चा लगता है मतलब जो भाड़ा (Freight) देना पढता है उसका बीमा करवाया जाता है।

अब आप सोच रहे होंगे भाड़े का बीमा क्यों करवाया जाता है।।। चलिये मैं आपको समझाने की कोशिश करता हु। जब भी आप किसी दूसरे व्यक्ति से या फिर company से कोई भी सामान मंगवाते है और वो सामान आप तक पोहोच ने के बाद टुटा हुआ निकलता है तो क्या आप वो सामान लेंगे ?? ज़ाहिर सी बात है आप क्यों लेंगे।।।

लेकिन जिसने आपको सामान भेजा उसका तो नुक़सान हो गया ना। भले ही उन्होंने सामान का Insurance करवाया होगा लेकिन सामान को आप तक पोहोचने के लिए जो खर्चा लगा, जो भाड़ा देना पढ़ा उस पैसे का तो नुक़सान हो गया ना।। इसलिए हमेसा भाड़े का भी बीमा (Freight Insurance) करवाया जाता है, ताकि अगर सामान टूट फूट फूट फूट सामान टूट फूट फूट फूट जाए या फिर जहाज से उतारते वक्त बंदरगाह पर चोरी हो जाए तो फिर सामान के मालिक को ज्यादा नुकसान ना उठाना पड़े।

लेकिन ऐसा भी नहीं है कि कोई भी इंसान जान-बूझकर कोई सामान तोड़ डाले और फिर Insurance clame करें। ऐसे Policies में बोहुत सारे “terms & conditions” होते है और उसी के हिसाब से नुकसान की भरपाई की जाती है।

 

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Insurance से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जो हर इंसान को पता होना जरुरी है।।।

अब तक तो आप समझ गए होंगे समुद्री बीमा (Marine Insurance in Hindi) क्या होता है, इसे किन लोगों को करवाना चाहिए और समुद्री बीमा के कुछ प्रकार के बारे में। आशा करता हूं आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा।

 

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