स्वर्ण मंदिर से जुड़े 17 रोचक तथ्य। Golden Temple Facts in Hindi

“श्री हरमंदिर साहिब” जिसे स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) के नाम से भी जाना जाता है यह पंजाब के शहर अमृतसर में स्तिथ है। स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) सिक्खों का देबलाय है, जिसे देखने दुनिया भर से लाखों दर्शनार्थी आते हैं। आज मैं आपको इसी स्वर्ण मंदिर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तत्थ बताने जा रहा हु। तो चलिए सुरु किया जाये।। Golden Temple Facts in Hindi

 


golden temple facts in Hindi
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स्वर्ण मंदिर से जुड़े 17 रोचक तथ्य।

Golden Temple Facts in Hindi

1. भारत के राज्य पंजाब में स्तिथ “श्री हरमंदिर साहिब” जिसे स्वर्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है यह सिक्खों का गुरद्वारा है।

 

2. स्वर्ण मंदिर सिक्ख धर्म के लोगों का धार्मिक गुरद्वारा है लेकिन सिर्फ सिक्ख धर्म के लोग ही नही बल्कि सभी धर्म के लोग यहाँ हर रोज़ दर्शन करने और प्रसाद लेने आते है।

 

 

3. “श्री हरमंदिर साहिब” नाम का अर्थ है भगबान का मंदिर। यह गुरद्वारा अपनी सुंदरता और धार्मिक एकता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।

 

 

4. लाहौर के रहनेवाले सूफी संत साईं मियां मीर नाम के एक मुस्लिम संत ने स्वर्ण मंदिर की नींव रखी थी। सूफी संत साईं मिया मीर का सिख धर्म के प्रति शुरू से ही झुकाव था। सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी ने लाहौर के सूफी संत साईं मियां मीर से दिसंबर 1588 में गुरुद्वारे की नींव रखवाई थी।




 

5. स्वर्ण मंदिर के निर्माण के लिए ज़मीन मुघोल सम्राट अकबर से ख़रीदा गया था।

 

6. सिक्खों के चौथे गुरु रामदास जी ने तालाब का निर्माण किया था।

 

 

7. स्वर्ण मंदिर को कई बार नुक्सान पोहोचया गया था। ऐसा माना जाता है 19 बी सदी में अफगानी सेना ने इस मंदिर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था। तब महाराणा रणजीत सिंह ने स्वर्ण मंदिर का पुनः निर्माण किया था और मंदिर की उपोरिभाग पर खड़े सोने की पारद चढाई थी।

 

8. स्वर्ण मंदिर अभी जैसा दिखता है, पेहेले वैसा नही था। स्वर्ण मंदिर पेहेले पत्थर और ईंटों से बना था। बाद में इसमें सफ़ेद मार्वेल का उपयोग किया गया और फिर इसके ऊपर सोने की परद चढाई गयी।

 

9. मंदिर को कब कब नष्ट किया गया और कब कब इसकी पुनः निर्माण हुई, यह सब आपको मंदिर में लगे सिलालिखो से पता चल सकता है।

 

10. स्वर्ण मंदिर के चारो दिशाओं में चार मुख्य दरवाजे हसि जो की दूसरे धर्मों के प्रति सोच को दर्शाते है। इस चार दरवाजो का मतलब है किसी भी धर्म के लोग यहां आ सकते है।

 

 

11. चाहे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों ना हो, लेकिन हर सिक्ख अपने जिंदिगी में एकबार श्री हरमंदिर साहिब जरूर आना चाहता है। ज्यादातर सिक्ख अपने जिंदिगी के कुछ खास दिनों में जैसे जन्मदिन, सादी, त्यहार आदि समय में श्री हरमंदिर साहिब आते है।

12. “जहा खान” ने एकबार स्वर्ण मंदिर पे हमला किया था, जिसके जबाब में सिक्खों के सेना ने उसकी पूरी सेना को ही ख़त्म कर दिया था।

 

13. स्वर्ण मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा “लंगर” लगाया जाता है। यहां हर रोज़ लगभग एक लाख से भी ज्यादा लोग खाना खाने आते है और त्यहारो के दिनों में तो यह आंकड़ा दो लाख तक पोहोंच जाता है।

 

14. इस मंदिर में 24 घंटे हलवे की बेबस्था रहती है और लाखो रोटियां हर रोज बनाये जाते है श्रद्धालुयों के लिए, ताकि कोई भी भूखा पेट वापस लौट के ना जा सके।

 

 

15. ऐसा कहा जाता है की मुग़ल बादशा अकबर ने भी गुरु के लंगर में आम लोगो के साथ बैठ कर खाना खाया था।

 

16. जहा साल भर में सात अजूबो में से एक ताज़महल को देखने के लिये 30 लाख लोग आते है वही स्वर्ण मंदिर में तो एक महीने में ही 40 लाख से ज्यादा लोग आजाते है।




17. स्वर्ण मंदिर ने हमेशा आगे आकर लोगो की मदत की है। जब जब देश में कोई आपदा आयी है, तब तब स्वर्ण मंदिर ने मदत की है। उत्तराखंड की बार के बारे में तो आपको पता ही होगा, उस समय भी स्वर्ण मंदिर ने लोगो की मदत की है।

 

तो क्या आप कभी स्वर्ण मंदिर गये है? नीचे कमैंट्स में जरूर बताइये। मैं तो अभी तक नही जा पाया। लेकिन एक न एक दिन जरूर जाऊंगा।

आर्टिकल कैसा लगा नीचे कमैंट्स में बताना मत भूलिए और अगर गलती से किसी पॉइंट में गलत जानकारी दी है तो भी जरूर बताइये। पोस्ट को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से शेयर करे।

 

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