दार्जीलिंग से जुड़े 15 बेहतरिन जानकारियां। Darjeeling place in Hindi

दार्जीलिंग (Darjeeling place) भारत के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है। यह शहर भारत के राज्य पश्चिम बंगाल में हिमालय के पास 2,134 मीटर उचाई पर स्तिथ है। अगर आप दार्जीलिंग में रहते हो तब तो आपको पता ही होगा। लेकिन अगर आप दार्जीलिंग (Darjeeling Place) में नही रहते, लेकिन दार्जीलिंग घूमने जाना चाहते हो तो फिर आपको दार्जीलिंग जाने से पहले दार्जीलिंग के बारे में इन बातों का पता होना जरुरी है, ताकि कोई अगर दार्जीलिंग के बारे में आपसे पूछे तो आप उसका सही से जबाब दे सको। तो चलिए शुरू करते है दार्जीलिंग के बारे में 15 ऐसे तथ्य तो आपको जानना जरूरी है। Darjeeling place in Hindi

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Darjeeling place in Hindi

दार्जीलिंग से जुड़े 15 बेहतरिन जानकारियां। Darjeeling place in Hindi

 

1. 3,149 बर्ग किलोमीटर में फैला हुआ दार्जीलिंग पश्चिम वंगाल का एक खूबसूरत शहर है।

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2. दार्जीलिंग शहर का उत्तरी भाग नेपाल और सिक्किम के साथ जुड़े होने के वजह से यह कभी सिक्किम के हिस्से में चला गया, तो कभी नेपाल ने इस पर कब्ज़ा कर लिया था।

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3. वैसे क्या आपको पता है दार्जीलिंग के शुरवाती दौर में  यह शहर सिक्किम का हिस्सा था।

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4. दार्जीलिंग शहर की खोज Anglo-Nepal युद्ध के दौरान हुई थी जब ब्रिटिश सैनिको का एक दल सिक्किम जाने के लिये एक छोटा और आसान सा सड़क ढूंढ रहे थे।

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5. वैसे क्या आपको पता है दार्जीलिंग शब्द का अर्थ होता है ??

दार्जीलिंग शहर का नाम दो तिब्बती शब्द “Dorje” मतलब ब्रजरा और “Ling” मतलब स्थान से हुई है। जिसका अर्थ होता है “बाजरा का स्थान”।

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6. यह तो आपको पता ही होगा दार्जिलिंग सिर्फ अपने खूबसूरत पहाड़, झरने, वादियों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है। दार्जिलिंग की “चाय” (Darjeeling Tea) भी पूरी दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

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7. बर्ष 1800 के मध्य से ही दार्जिलिंग के रहनेवाले निबासी “चाय” (Tea) की उत्पादन में लग गये थे।

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8. “दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे” (Darjeeling Himalayan Railway) जिसे Toy Train के नाम से भी जाना जाता है इसका निर्माण सन 1882 से 1881 के बीच में हुआ था। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को UNESCO की तरफ से सन 1919 में विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) घोषित कर दिया गया।

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9. Toy Train पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग के मध्य चलने वाली एक छोटी सी रेलवे प्रणाली है इसके कुल लंबाई सिर्फ 78 किलोमीटर है और यह Toy Train पूरे भारत में बस आपको दार्जिलिंग में ही देखने को मिलेगी।

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10. एक समय ऐसा भी था जब दार्जिलिंग मसालों के लिए जाने जाते थे।

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11. संन 1830 के आसपास Dr. Campbell जो कि दार्जिलिंग में ईस्ट इंडिया कंपनी के अंतर्गत काम करते थे, उन्होंने ही पेहिली बार अपने बगीचे में चाय के बीज को लगाया था।

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12 सन 1880 के दशक में ही ईसाई धर्म के प्रचारक बरेन्स भाइयों ने एक छोटे से आकार का चाय का पौधा लगाया था। बाद में उन लोगों ने इस चीज के ऊपर ओर काम किया। ओर चाय के पौधे लगाये और उस जगह को एक बगीचे के तरह बना डाला। आज उनके द्वारा बनाए गए इस उद्यान को हम “रेणुका वर्ण चाय उद्यान” के नाम से जानते हैं।

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13 आप जानकर आश्चर्य हो जायेंगे की चाय का वह पहला बीज एक चाइनीस झारी का हिस्सा था जिसे “कुमाऊं हिल” से लाया गया था। बाद में यह दार्जिलिंग चाय (Darjeeling Tea) के नाम से पुरे दुनिया में जाना जाने लगा।

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14. दार्जीलिंग प्रसिद्ध है अपनी चाय अपनी चाय के लिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की आपको दार्जिलिंग में चाय सस्ती मिल जाएगी। अगर आप यह सोच रहे हो कि दार्जिलिंग में आपको चाय मिल जाएगी तो फिर आपका सोचना थोड़ा गलत है। क्योंकि चाय तो आपको सस्ती मिल जाएगी, लेकिन अगर आपको अच्छी quality वाली चाय चाहिए तो फिर उसके लिए आपको अपनी जेब थोड़ी ढीली करनी पड़ेगी।

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15. वैसे चाय के अलावा दार्जिलिंग में आपको हाथ से बने हुए चीज़े मतलब हस्तशिल्प का भी काफी बेहतरीन कलाकृति देखने को मिलेगी।

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दार्जीलिंग के चाय उद्दान।

Darjeelin place in Hindi

 

चाय के बारे में तो बहुत कुछ बता चुका हूं तो चलो अब चाय के उद्दान मतलब चाय के बगीचे के बारे में भी थोड़ा बता दिया जाए। वैसे तो हम “दार्जिलिंग की चाय” बस यही जानते हैं लेकिन वहां पर चाय सिर्फ एक तरह के नहीं बल्कि कई अलग-अलग तरह के होते हैं क्योंकि चाय का उद्दान भी तो अलग-अलग है तरह के हैं।

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लगभग 87 चाय का उद्दान दार्जिलिंग और उसके आसपास के इलाके में है जहां पर हर रोज लगभग 60,000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं इसलिए चाय के प्रकार भी अलग-अलग होते हैं। तो यदि आप दार्जिलिंग के चाय उद्यान में घूमना चाहते हो तो आपके लिए ग्रीष्मकाल (summer season)  सबसे अच्छा होगा क्योंकि उस समय चाय की पत्तियों को तोड़ा पत्तियों को तोड़ा जाता है।

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आप वहां के कर्मचारियों को चाय की पत्ती तोड़ते हुए देख सकते हैं। आप ताज़ी पत्तियों को चाय में परिवर्तित होते हुए देख सकते है। अगर आप शहर से ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते तो शहर से बस 3 किलोमीटर की दूरी पर “Happy Vally Tea Park” है, वहां जाकर भी इन नज़ारों का आनंद उठा सकते हो।

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वैसे तो दार्जिलिंग में घूमने में घूमने लायक बहुत सी जगह है जगह है लेकिन कुछ जगह ऐसे भी है जो बहुत ही खास है।  यदि आप जानना चाहते हैं दार्जिलिंग में ऐसे कौन कौन से जगह है जहां पर ज्यादातर लोग घूमने जाते हैं तो फिर आप नीचे दिये गये इस आर्टिकल को भी पढ़ सकते हैं।

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आशा करता हूं हूं आपको यह आर्टिकल दार्जीलिंग से जुड़े 15 बेहतरिन जानकारियां (Darjeeling place in Hindi) पसंद आया होगा। अगर आपको article पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों के साथ Facebook, WhatsApp पर Share करें और अगर कुछ पूछना चाहते हो तो नीचे Comments में जरूर बताये।

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